दुष्यंत सिंह गहलोत

कोटा (मातृभूमि न्यूज़)। बोरखेड़ा फ्रेंड्स कॉलोनी में श्री मंशापूर्ण बालाजी धाम पर चल रही संगीत में श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिवस में श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया जिसमें मखाने बिस्कुट खिलौने खूब लुटाये। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गूंज से सारा परिसर भक्ति में हो गया।

कथावाचक पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा कि जब जब पृथ्वी पर आसुरी प्रवृत्तियां बढ़ती है देवी प्रवृतियां करती है तब तब नारायण को नर रूप धारण करना पड़ता है और वह पृथ्वी का भार उतारते हैं। आधुनिक समय में व्यक्ति हमारे संस्कारों से दूर भागता हुआ जा रहा है लेकिन जो जो सनातन धर्म संस्कारों से दूर भागता जा रहा है उतना ही मनुष्य जीवन दुखी होता हुआ जा रहा है। यदि जीवन में सुख चाहते हो तो जगत की चिंता छोड़ कर ईश्वर का चिंतन करो पानी के बिना नदी फिकी लगती है पति के बिना पत्नी फीकी लगती है। आत्मा के बिना शरीर फीका लगता है। ऐसे ही भजन के बिना हमारा जीवन फीका लगता है। भजन के बिना दुखों से मुक्ति नहीं मिलेगी। इसलिए सांसारिक मोह माया से बंधन से दूर होकर ईश्वर का भजन करोगे तो जीवन अलौकिक आनंद को प्राप्त हो जाएगा। कथा के दौरान आज बिरज में होली रे रसिया भजन सुनाए तो श्रोताओं ने मंत्र मुक्त होकर नृत्य किया। बुधवार को छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी। भंवर सिंह जादौन, ओम प्रकाश अग्रवाल, संगीता अग्रवाल ने आरती उतारकर भागवत पूजन किया।

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