फिरोज़ खान

जयपुर (मातृभूमि न्यूज़)। PUCL राजस्थान द्वारा टोंक जिले के ललवाड़ी ग्राम पंचायत की घासी की ढाणी में की गई गौ हत्या और उसके साथ सांप्रदायिक तत्वों द्वारा मस्जिदों पर किए गए हमले को लेकर रविवार को विनोबा ज्ञान मंदिर में प्रेस वार्ता रखी गई। प्रेस वार्ता में पीयूसीएल की प्रदेश अध्यक्ष कविता श्रीवास्तव ने कहा कि गौ हत्या एक विधि विरुद्ध कृत्य है और उसकी हम निंदा करते हैं। टोंक में जो गौ हत्या की गई उसमें सबसे पहले पुलिस और अन्य लोगों को सूचना इस्लाम नामक व्यक्ति द्वारा दी गई। उसने अपनी जिम्मेदार नागरिक होने की ड्यूटी निभाई लेकिन पुलिस एफआईआर में उसे ही आरोपी बना दिया गया है।  

हमारा मानना है कि FIR 145/2022 में 17 दर्ज आरोपियों को सूची में अनेक निर्दोष लोगों के नाम डालें है, सही जांच हो, दोषियों को बख्शा नहीं जाए लेकिन निर्दोष लोगों को भी आरोपी नहीं बनाया जाए। 

इसी की साथ 19 अगस्त को ललवाड़ी ग्राम पंचायत के घासी की ढाणी व पटेल टिबी गाँव में 2 मस्जिद, व आम जन पर सांप्रदायिक तत्वों द्वारा हमले किए जिससे गाँव में दहशत बनी हुई है। पीयूसीएल द्वारा इसकी निंदा की गई।

प्रेसवार्ता में गांव के लोग और पीयूसीएल के पदाधिकारी

प्रेस वार्ता के दौरान टोंक जिले के अमन पसंद नागरिक मोहसिन रशीद ने कहा कि कोई भी मुसलमान गौ हत्या का समर्थन नहीं करता है और जिन्होंने अपराध किया है उनके खिलाफ कार्यवाही हो लेकिन इसके आधार पर पूरे मुस्लिम समुदाय को टारगेट करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। इस आधार पर मस्जिदों पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ भी तुरंत कार्यवाही की जानी चाहिए। 

पीयूसीएल जयपुर जिला इकाई के महासचिव अखिल चौधरी ने कहा कि जो मस्जिदों पर हमले की एफआईआर की गई है उनमें दंगे वाली धारा नहीं जोड़ी गई जो पुलिस की लापरवाही को दिखाती है। 

ललवाड़ी के घासी की ढाणी से आये जमालउद्दीन, इरशाद, कमरुद्दीन, रफीक, सुलेमान आदि ने भी बताया कि वे उस वक्त वहाँ मौजूद नहीं थे लेकिन उनके घर वाले जो उस समय प्रत्यक्ष दर्शी थे ने उनको बताया कि हम गौ हत्या के पूरी तरह खिलाफ हैं और गौ हत्या करने वालों की निंदा करते हैं और पुलिस को उनके खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि गाँव में पुलिस की मौजूदगी लोगों और मस्जिदों पर हमला किया गया वह भी बहुत गलत है

इस मामले में पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गाँव में जो दहशत का माहौल बना है उसे पुलिस को भय रहित बनाना चाहिए।  

इस संबंध में पीयूसीएल राजस्थान इकाई द्वारा राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक टोंक को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पत्र में निम्न मांगे की है

जांच का नेतृत्व एसपी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा किया जाए न कि स्थानीय थाना पुलिस द्वारा, जो अब तक इस मामले में निष्पक्ष नहीं रहा है।

जिस पुलिस दल की मौजूदगी में मस्जिद में तोड़ फोड़ की गई, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

थाना दतवास में दर्ज एफआईआर संख्या- 145/146/147 की निष्पक्ष और न्यायसंगत जांच हो।इस्लाम और अन्य लोगों को रिहा किया जाए, जिन्हें झूठा फंसाया गया है।

हमारी मांग है कि लोगों को आने-जाने से न रोका जाए। साथ कि किसी भी संगठन द्वारा किसी भी तरह अप्रिय घटना न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

मस्जिदों पर हुए हमले के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।

पटेल टीबी और घासी की ढाणी के गांवों में घायलों के चोटों की जांच के साथ-साथ उनके उचित उपचार के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए।

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