विद्यालय में स्टाफ व मूलभूत सुविधाओं का अभाव

करीब 5 घण्टे तक नही पंहुचा कोई जवाबदारी अधिकारी

अमित अग्रवाल

चौमहला (मातृभूमि न्यूज)। झालावाड़ जिले के गंगधार उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुरा में ग्रामीणों ने स्टाफ कमी व अन्य समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन कर स्कूल पर तालाबंदी की।

विद्यालय में अध्यापकों की कमी को लेकर रामपुरा गांव के ग्रामीणों ने विद्यालय पर तालाबंदी कर विद्यालय में रिक्त पदों पर स्टाफ की नियुक्ति करने की मांग की। शनिवार सुबह जैसे ही विद्यालय खुलने का समय हुआ रामपुरा गांव के ग्रामीण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में इकट्ठा हो गए तथा टीचर्स नहीं होने की वजह से बच्चों की बिगड़ती हुई शिक्षा व्यवस्था के विरोध में अधिकारियों व शिक्षा विभाग के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे तथा आंशिक धरना भी दिया। ग्रामीणों ने बताया कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुरा पं.स. डग जिला झालावाड़ में 24 कर्मचारियों का स्टाफ है जिसमे से वर्तमान में 11 अध्यापकों के पद अभी रिक्त है।

रिक्त पदों में प्रधानाचार्य, सहायक प्रधानाचार्य, 3 व्याख्याता, 4 सेकंड ग्रेड अध्यापक , लेवल 1 व 2 में 1,1 अध्यापक की कमी है कुल  है जिसमें से 11 स्टाफ नहीं है ऐसे में विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।

 जिला शिक्षा अधिकारी व ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए तथा यहा अध्यापकों की पूर्ति करनी चाहिए। शनिवार को स्कूल पर ताला लगने के कारण बच्चे व स्कूल के टीचर्स बाहर बैठे रहे वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हमारी समस्या का समाधान नहीं होगा। हम आगामी दिनों में भी ताला नहीं खोलेंगे।

प्रतिनियुक्ति पर लगे अध्यापक भी गायब-  ग्रामीणों ने बताया कि यहां 4 अध्यापक प्रतिनियुक्ति पर लगा रखे हैं । लेकिन वह अध्यापक यहां आते ही नहीं है जिसकी वजह से बोर्ड परीक्षाओं में बहुत ज्यादा बच्चे पिछड़ रहे हैं इन चारों को या स्थाई किया जाए।

पेयजल व टॉयलेट की बड़ी समस्या-  रामपुरा स्कूल में  12 वीं में पढ़ने वाली बालिकाओं के लिए अलग से  टॉयलेट नहीं होना एक बड़ी समस्या है। 

 ग्रामीणों ने बताया कि बड़ी बालिकाए स्कूल में पढ़ने आती है तथा उन्हें मजबूरी में खुले में टॉयलेट के लिए जाना पड़ता है।

वही पेयजल की भी कोई व्यवस्था नहीं है पानी की टंकी अधूरी पड़ी हुई है इसलिए बच्चों के पानी पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं है एवं विद्यालय परिसर के मुख्य गेट नहीं होने के कारण यहां आए दिन आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। वहीं कुछ लोग रात्रि समय में स्कूल परिसर में शराब पीने आ जाते हैं इसलिए यहा मुख्य दरवाजे की भी आवश्यकता है।

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